लॉकडाउन के दौरान साइकिल से छत्तीसगढ़ निकले एक मेहनतकश के साथ हुआ यह बड़ा कांड

लॉकडाउन के दौरान साइकिल से छत्तीसगढ़ निकले एक मेहनतकश के साथ हुआ यह बड़ा कांड

लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से बंद हुई मजदूरी से परेशान होकर साइकिल से छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) निकले एक मेहनतकश परिवार को लखनऊ (Lucknow) के शहीद पथ पर किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मर दी। 

इस हादसे में मेहनतकश दंपत्ति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों बच्चों का उपचार लोहिया अस्पताल में किया जा रहा है।

डीसीपी ईस्ट सोमेन बर्मा ने बताया कि सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में शहीद पथ पर बुधवार देर रात का यह एक्सीडेंट है, जिसमें मूल रूप से छत्तीसगढ़ निवासी कृष्णा व उसकी पत्नी प्रमिला की मृत्यु हुई है। जबकि उसके दो बच्चे 3 वर्ष का बेटा निखिल व 4 वर्ष की बेटी चांदनी घायल हैं। दोनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला 35 वर्षीय कृष्णा जानकीपुरम इलाके में झोपड़पट्टी में परिवार समेत रहता था। पति-पत्नी राजधानी लखनऊ में भिन्न-भिन्न स्थान पर जहां कार्य मिलता था वहां मजदूरी करते थे। जैसे तैसे लॉकडाउन का एक लंबा समय इस परिवार ने काट लिया था, लेकिन पैसे की किल्लत होने के चलते कृष्णा ने निर्णय किया कि वह अपने घर छत्तीसगढ़ जाएगा। जिसके बाद साइकिल से ही अपनी पत्नी व दो बच्चों को लेकर जानकीपुरम से छत्तीसगढ़ के लिए निकल पड़ा। लखनऊ के शहीद पथ पर किसी अज्ञात वाहन ने कृष्णा की साइकिल में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। चारों साइकिल समेत उछलकर सड़क पर गिर गए। कृष्णा व प्रमिला को गंभीर चोटें आईं जबकि दोनों बच्चे भी घायल हो गए थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान कृष्णा व प्रमिला ने दम तोड़ दिया।



मजदूरों ने चंदा कर किया अंतिम संस्कार

सूचना पाकर कृष्णा के परिजन लखनऊ पहुंचे व शवों का अंतिम संस्कार कराया। कृष्णा के भाई राजकुमार ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कृष्णा के पास कोई कार्य नहीं था। उसके पास बचत के पैसे थे जो बीते दिनों खर्च हो चुके थे। राजकुमार के पास भी आर्थिक तंगी के चलते शवों के अंतिम संस्कार का पैसा नहीं था, तब कुछ मजदूरों ने चंदा करके 15 हज़ार रुपये जुटाए, जिसके बाद देर शाम गुलाला घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।