रांची की बहुचर्चित लॉ छात्रा दुष्‍कर्म काण्ड में न्यायालय ने किया यह बड़ा निर्णय

रांची की बहुचर्चित लॉ छात्रा दुष्‍कर्म काण्ड में न्यायालय ने किया यह बड़ा निर्णय

 रांची की बहुचर्चित लॉ छात्रा दुष्‍कर्म काण्ड में न्यायालय का निर्णय आ गया है. न्यायालय ने 12 में से 11 आरोपितों को इस मुद्दे में दोषी करार दिया है. इन दोषियों को 3 मार्च को सजा सुनाई जाएगी. न्यायालय ने इस घटना को जघन्‍य माना है. 

सामूहिक दुष्‍कर्म की इस रोंगने कर देने वाली घटना के बाद पीडि़ता की ओर से जो प्राथमिकी लिखवाई गई वो दिल दहला देने वाली है. घटना का जिक्र करते हुए बोला कि दो घंटे तक अभियुक्तों ने जानवरों की तरह उसके साथ हवस की. सभी उस पर झपट्टा मारने लगे. वो रोती-बिलखती रही लेकिन किसी ने उसकी बात सुनी. एक बार नहीं तीन-चार युवकों ने दो-दो बार उसके साथ बलात्कार किया. उसने बोला कि उस घटना को सोच कर दिल दहल जाता है. मन: स्थिति भी अच्छा नहीं है.

इस प्रकार घटी घटना

शाम करीब 5.30 बजे पीडि़ता बस स्टॉप पर बैठकर अपने दोस्त के साथ वार्ता कर रही थी. इसी बीच पल्सर बाइक से दो बाइक सवार वहां पहुंचे. उसे घूरने लगे. फिर दोनों उसके समीप आये गाली-ग्लौज करने लगे. मां-बाप को बता देने की धमकी दी. दोनों उसके दोस्तों से हाथापाई पर उतारू हो गये. पीडि़ता से अपने मां से बात कराने को कहा. आकस्मित घटी इस घटना से पीडि़ता बहुत ज्यादा भयभीत हो गई. मोबाइल निकालकर अपनी मां को फोन की व एक अभियुक्त से बात करायी.

अभियुक्तों ने उसके मां को भी भद्दी-भद्दी गालियां देनी प्रारम्भ कर दी. मोबाइल बंद कर अपने जेब में रख लिया. इसके बाद दोनों अभियुक्त आपस में कुछ वार्ता किया उसके बाद पीडि़ता को जबरदस्ती अपनी बाइक पर बैठा कर वहां से निकलने लगा. इस बीच जब पीडि़ता के दोस्त रोकने की प्रयास की तो उसके साथ हाथापाई की. फिर पीडि़ता को बाइक पर बीच में बैठाकर वहां से निकल गये.

कुछ ही दूर आगे बढ़े होंगे कि बाइक का पेट्रोल समाप्त हो गया. तबतक लाल रंग की कार से उसके दोस्त आते हैं उसमें चार अभियुक्त पहले से बैठा हुआ था. पीडि़ता को कार से संग्रामपुर ले गया. दो युवक वापस बस स्टॉप पर गया व उसके दोस्त को कब्जे में ले लिया. उसकी स्कूटी लेकर घटना स्थल पहुंचा. ईंट भ_ा पहुंचने पर कार से युवती को निकाल कर स्कूटी पर बैठाकर सुनसान खेत में ले गया जहां बारी-बारी से अभियुक्तों ने उसके साथ बलात्कार किया.

किशोर न्याय बोर्ड में चलेगा नाबालिग का मामला

12 अभियुक्तों में से एक को नाबालिग घोषित किये जाने का उसका मुद्दा अलग करते हुए किशोर न्याय बोर्ड स्थानांतरित कर दिया गया है. नाबालिग की सुनवाई वहीं होगी. नाबालिग का रिनपास में मेडिकल जाँच होगा. अगर जाँच में यह साबित हो जाता है कि नाबालिग मानसिक व शारीरिक रूप से घटना को अंजाम देने में सक्षम है तो उसे भी व्यस्क मानते हुए सजा सुनायी जाएगी.

चार अभियुक्तों का डीएनए किया था मैच

स्वैब टेस्ट में चार अभियुक्तों का डीएनए मैच किया था इसमें रोहित उरांव, रवि उरांव, राजन उरांव और एक नाबालिग शामिल है.