BCCI के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े एक वाकये को याद करते हुए बोली यह बड़ी बात

BCCI के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े एक वाकये को याद करते हुए बोली यह बड़ी बात

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन (N Srinivasan) ने महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) से जुड़े एक वाकये को याद करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने एक बेहद शानदार खिलाड़ी को चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) में लेने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया था कि इसके आने से टीम की एकजुटता को नष्ट हो जाएगी. 

चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के मालिक श्रीनिवासन ने बोला कि वह एक बेहद शानदार खिलाड़ी को टीम में लेना चाहते थे. उन्होंने धोनी को इस बारे में सुझाव दिया तो उन्होंने कहा, नहीं सर उसे नहीं, वह टीम की एकता बरबाद कर देगा. हमारे लिए टीम की एकजुटता अहम है.

धोनी बोले, फ्रेंचाइजी आधारित गेम के लिए यह बेहद जरूरी

श्रीनिवासन ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने उनसे बोला था कि फ्रेंचाइजी अधारित गेम के लिए एकजुटता बहुत महत्वपूर्ण है. आप अमरीका में देखिए वहां फ्रेंचाइजी आधारित गेम लंबे समय से चल रहे हैं. वहीं हिंदुस्तान में अभी इसकी आरंभ हुई है. हालांकि श्रीनिवासन ने साथ में यह भी बोला कि लेकिन इंडिया सीमेंट्स (India Cements) में हमें जूनियर लेवल पर टीम के साथ कार्य करने का पहले से अनुभव है. बता दें कि श्रीनिवासन इंडिया सीमेंट्स के मालिक हैं व इंडिया सीमेंट्स कंपनी के पास ही चेन्नई सुपर किंग्स का स्वामित्व है.

श्रीनिवासन बोले, धोनी प्रतिभा पर यकीन करते हैं

एन श्रीनिवासन के साथ महेंद्र सिंह धोनी के संबंध बहुत ज्यादा अच्छे हैं. उन्होंने बोला कि टीम इंडिया के पूर्व कैप्टन की कामयाबी के बारे में जो कुछ भी बोला जाता है, वह आंकड़ों पर आधारित है. एक उदाहरण के लिए आप देखिए, हर टी-20 टीम में गेंदबाजी कोच होते हैं. जब टीम किसी के विरूद्ध उतरती है तो वह विपक्षी टीम के सारे बल्लेबाजों का वीडियो देखती है. कोच देखते हैं कि सामने वाले कि क्या ताकत व कमजोरी है. लेकिन धोनी इसमें शामिल नहीं होते. वह शुद्ध रूप से सहज प्रतिभा पर विश्वास करते हैं. श्रीनिवासन ने बोला कि इस मीटिंग में गेंदबाजी कोच (Bowling Coach) के साथ मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) हर समय उपस्थित होते हैं. हर आदमी अपनी राय देता है, मगर धोनी इसमें शामिल नहीं होते. वह मैदान पर ही खिलाड़ियों को जज करते हैं. श्रीनिवासन ने बोला कि किसी भी खिलाड़ी के बारे में मौजूदा वक्त में इतना डेटा उपलब्ध होता है कि डेटा व सहजता के बीच लकीर खींचना सरल नहीं होता.