भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI ने भारतीय प्रीमियर लीग को लेकर बनाई यह योजना, जाने कितनी टीमे खलेंगी मैच

भारतीय क्रिकेट बोर्ड BCCI ने भारतीय प्रीमियर लीग को लेकर बनाई यह योजना, जाने कितनी टीमे खलेंगी मैच

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI ) सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के साथ 19 नवंबर की संभावित तारीख के साथ घरेलू सत्र प्रारम्भ करने की योजना बना रहा है, लेकिन भारतीय प्रीमियर लीग की विभिन्न टीमों से खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी क्‍वारंटीन से जुड़े नियमों के कारण कुछ शुरुआती दौर के मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। 

कोरोना वायरस महामारी के कारण घरेलू सत्र में विलंब का मतलब है कि सिर्फ मुश्ताक अली ट्रॉफी व रणजी ट्रॉफी का आयोजन हो पाएगा, जिसमें 38 टीमें दोनों फॉर्मेट में मिलाकर 245 मैच खेलेंगी।

ईरानी कप को लेकर भी नहीं है कोई योजना
इस वर्ष विजय हजारे ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी या चैलेंजर ट्रॉफी का आयोजन नहीं होगा व अब तक के प्रोग्राम के अनुसार ईरानी कप को लेकर भी कोई योजना नहीं है। बीसीसीआई के वरिष्ठ ऑफिसर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि यह अस्थाई सूची है, जिसे तैयार किया गया है व इसे स्वीकृति के लिए अध्यक्ष सौरव गांगुली व सचिव जय शाह के पास भेजा गया है।
आईपीएल खेलकर लौटने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नियमों के अनुसार 14 दिन तक क्‍वारंटीन रहना होगा। ऑफिसर ने कहा, ‘‘यह मामला मुख्य रूप से उन खिलाड़ियों के साथ है, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेले हैं व टीम के साथ हैं व कुछ क्रिकेट खेलना चाहते हैं। अगर खिलाड़ी की टीम प्ले ऑफ से पहले ही  बाहर हो जाती है तो भी वह तीन नवंबर से पहले वापस नहीं आ पाएंगे व 17 नवंबर तक क्‍वारंटीन में रहना होगा।
तीन सप्ताह का ब्रेक जरूरी
उन्होंने बोला कि जिनकी टीमों ने प्ले ऑफ में स्थान बनाई है व फाइनल में पहुंच सकती हैं, उन्हें शुरुआती कुछ दौर के मुकाबलों से बाहर रहना होगा, लेकिन यह मसौदा प्रस्ताव है व इसमें परिवर्तन होने कि सम्भावना है। बीसीसीआई के अगला आईपीएल मार्च के अंत से या अप्रैल की आरंभ से हिंदुस्तान में कराने की उम्मीद है व ऐसे में रणजी फाइनल व आईपीएल की आरंभ में तीन सप्ताह का ब्रेक महत्वपूर्ण है, जिससे खिलाड़ी व्यस्त टूर्नामेंट से उबर सकें।

रणजी ट्रॉफी क्षेत्रीय फॉर्मेट में कराने की अटकलें
इस बीच रणजी ट्रॉफी के फॉर्मेट को क्षेत्रीय प्रारूप में कराने की अटकलें हैं, लेकिन ऑफिसर ने बोला कि ऐसा होने की आसार नहीं है। पिछले दो वर्ष से ग्रुप ए व बी से शीर्ष पांच टीमें रणजी क्वार्टर फाइनल में स्थान बनाती थी, जबकि इस वर्ष ए, बी व सी से शीर्ष दो टीमें अंतिम आठ में स्थान बनाएंगी। सातवीं टीम तीनों ग्रुप से तीसरे जगह पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम होंगी, जबकि क्वार्टर फाइनल की अंतिम टीम का निर्णय ग्रुप डी व ग्रुप ई के चैंपियन के बीच प्लेऑफ मुकाबले से होगा।