रीढ़ की हड्डी को ऐसे बनाए मजबूत नही होगा कोई दिक्कत

रीढ़ की हड्डी को ऐसे बनाए मजबूत नही होगा कोई दिक्कत

आर्थराइटिस ( Arthritis ) का एक रूप है लम्बर स्पॉन्डिलाइटिस ( Lumbar spondylitis ). इसमेंं रीढ़ की हड्डी को क्षति पहुंचती है. 40 साल से अधिक आयु के पुरुषों और स्त्रियों में इसके लक्षण देखे जा सकते हैं. ऐसे में विशेषज्ञ बॉडी पोश्चर ठीक रखने की सलाह देते हैं.

ये हैं वजह ( Cause Of Spondylosis )
बैठते और चलते समय रीढ़ की हड्डी सीधी न होना, दुपहिया वाहन अधिक चलाना, कंप्यूटर पर बिना आराम किए लगातार कई घंटों तक कार्य करना, गर्दन झुकाकर फोन पर बहुत देर तक बात करना व शरीर में कैल्शियम की कमी प्रमुख कारण हैं. युवाओं को शुरुआती स्तर पर उपचार लेना चाहिए. साथ ही संतुलित खानपान लें.

रोग की अवस्थाएं ( Types Of Arthritis And Symptoms )
- पहली अवस्था में रीढ़ में सूजन आने से कमर और गर्दन दर्द धीरे-धीरे बढ़ जाता है. हड्डियों में तरल सूखकर ठोस कैल्शियम का रूप ले लेता है. गंभीर स्थिति में गर्दन, कंधे या कमर में अकड़न और हाथ-पैरों में झनझनाहट होती है.

- दूसरी में यह झनझनाहट स्थायी हो जाती है. हड्डियां नुकीली होने से शरीर में बहुत दर्द होता है. समस्या Disk में हो तो ओजोन तकनीक और जोड़ों में हो तो रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन तकनीक उपयोगी है.

- तीसरी में हाथ-पैर सुन्न और पैर पतले हो जाते हैं. ऐसे में न्युक्लियोप्लास्टी उपयोगी है.