अगले सत्र में नहीं खुलेगा कोई इंजीनियरिंग कॉलेज केन्द्र सरकार ने उठाया कदम

अगले सत्र में नहीं खुलेगा कोई इंजीनियरिंग कॉलेज केन्द्र सरकार ने उठाया कदम

केन्द्र सरकार ने देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के गिर रहे स्तर को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने इसको लेकर वर्ष 2020 सत्र में देश में न कोई नया इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने व न ही बीटेक के किसी भी कोर्स में कोई सीट बढ़ाने का आदेश जारी किया है. साथ ही बेकार प्रदर्शन व नियमों का उल्लंघन करने वाले कॉलेज को बंद किया जाएगा. सरकार का पूरा फोकस राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इंजीनियरों की घटती मांग के चलते नए कॉलेज खोलने की स्थान गुणवत्ता बढ़ाने पर है.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सीनियर ऑफिसर के अनुसार, अखिल भारतीय तकनीकी एजुकेशन परिषद (एआईसीटीई) शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नए इंजीनियरिंग कॉलेजों को मान्यता नहीं देगा. राज्यों को जल्द ही इस विषय में सूचना दे दी जाएगी. इसके अतिरिक्त किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक के किसी भी कोर्स में कोई सीट नहीं बढ़ेगी. कॉलेजों को विभिन्न कोर्स में स्पेशलाइजेशन पर फोकस करना होगा जैसे कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, इंटरनेट ऑफ थिकिंग, इंटरनेट एसडब्ल्यू, मोबिलिटी आदि.

केंद्र सरकार ने 2018 में अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय बाजार में इंजीनियर की मांग परखने के लिए आईआईटी हैदराबाद के बोर्ड ऑफ गवर्नर के चेयरमैन प्रो। बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की थी. इसमें आईआईटी, फिक्की, नैसकॉम, एसोचैम, सेंटर फॉर मैनेजमेंट शिक्षा आदि के विशेषज्ञ शामिल थे.

समिति ने रिपोर्ट में लिखा था कि पिछले दो वर्ष से इंजीनियरिंग की पचास प्रतिशत सीट खाली हैं. जबकि महज 52 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही प्लेसमेंट मिल पा रहा है. समिति ने 2020 में नए इंजीनियरिंग कॉलेज न खोलने की सिफारिश की थी. बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के करीब 80 फीसदीइंजीनियरिंग स्नातक जॉब के लिए फिट नहीं हैं.