नरेन्द्र मोदी देंगे देश के उन लोगों को बड़ी राहत जो ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से करते हैं पालन

नरेन्द्र मोदी देंगे देश के उन लोगों को बड़ी राहत जो ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से करते हैं पालन

देश में मौजूदा समय में सबसे बड़ा चर्चा का विषय नया मोटर व्हीकल एक्ट व उसके तहत लगने वाला जुर्माना बना हुआ है. देश के कई हिस्सों में इस एक्ट के लिए सरकार का विरोध कर रहे हैं तो कई जगहों पर केन्द्र सरकार पर तंज भी कसा जा रहा है. खैर बीते हफ्ते खुद नितिन गडकरी ने इस सफाई भी दी है.

अब नरेन्द्र मोदी सरकार देश के उन लोगों को बड़ी राहत देने जा रहे हैं जो ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं. सरकार के प्लान के अनुसार ट्रैफिक रूल्स का पालन करने वाले लोगों को इंश्योरेंस प्रीमियम में बड़ी राहत दी जा सकती है.

इसके लिए इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीएआई सरकार के कहने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को इंश्योरेंस प्रीमियम से जोडऩे जा रहा है. ताकि देश में सड़क दुर्घटनाओं को घटाया जा सके, वहीं देश के लोगों में सड़क यातायात के प्रति जागरुक किया जा सके.

नियमों का उल्लंघन करने वालों को देना होगा ज्यादा प्रीमियम
नए मोटर व्हीकल एक्ट के बाद उन लोगों के लिए बुरी समाचार है जो ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना अपनी शान समझते हैं. ऐसे लोगों को अब अपने इंश्योरेंस का प्रीमियम ज्यादा देना होगा. सरकार की एजेंसी अब ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को इंश्योरेंस प्रीमियम से जोडऩे जा रही है.

जानकारी के अनुसार आईआरडीएआई ने एक कमेटी बनाई है जो मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जोडऩे को लेकर सिफारिश देगी. वहीं कंपनियां प्रीमियम बढ़ाने के फॉर्मूले के लिए दिल्ली एनसीआर में पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ करेगी.

मोटर इंश्योरेंस में हुआ इजाफा
जब से मोटर इंश्योरेंस एक्ट लागू किया है तब से इंश्योरेंस रिनुअल में इजाफा देखने को मिला है. इंश्योरेंस कंपनियों की मानें तो इंश्योरेंस रिनुअल संबंधित जानकारियों में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है. नए नियमों के अनुसार अगर गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं है व आप ट्रैफिक पुलिस के हाथों आ जाते हैं तो आपको 2000 रुपए का जुर्माना देना होगा.

जिसके बाद लोगों में इसके प्रति जागरुकता आई है. वहीं देश के चार राज्यों में आईआरडीएआई व मोटर कंपनियों ने एक पायलट प्रोजेक्ट प्रारम्भ किया है, जिसमें गाडिय़ों के मालिकों सूचना भेजी जा रही है कि अगर उन्होंने गाडिय़ों का इंश्योरेंस नहीं कराया है तो जल्द करा लें.

जनरल इंश्योरेंस काउंसिल की मानें तो सड़क पर चलने वाले करीब 50 प्रतिशत वाहन बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, इसमें सबसे ज्यादा संख्या 2 व्हीलर हैं.