भारी बारिश के चलते हुआ यह बड़ा हादसा इतने लोगो की गई जान

भारी बारिश के चलते हुआ यह बड़ा हादसा इतने लोगो की गई जान

मध्यप्रदेश के ने प्रारंभिक आंकलन किया है जिसके अनुसार इस सारे में अब तक लगभग 44 जानें गई है जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं। 516 पशुओं की मृत्यु हुई है व 27000 कच्चे मकान टूटे हैं तो वहीं 1100 कच्चे व पक्के मकान आंशिक रूप से टूटे हैं।

साथ ही शासकीय इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। इसी के साथ 135 पंचायत, 89 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लगभग 150 किलोमीटर सड़क व 61 पुलिया क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिले में फसलों का 60 से 70% नुकसान का आंकलन किया गया है।

इस आंकलन के बीच बाढ़ से प्रभावित लोग अभी भी बाढ़ की विभीषिका को याद करके सिहर उठते हैं। जिले में 50 हजार से ज्यादा लोग (शासकीय आंकड़ा 27000 घरों के क्षतिग्रस्त होने के आधार पर) बेघर हुए हैं व राहत शिविरों समेत इधर-उधर शरण लेने को विवश है। ऐसा नहीं है कि बड़ी नदियों ने ही तबाही मचाई है। जिले के हर नदी नाले के किनारे रहने वाले गांव की यही कहानी है। तुंबड नदी के किनारे बसने वाले सभी गांवों में तबाही का मंजर है। लोगों के पक्के मकान तक बारिश में बह गए हैं जिनके मकान नहीं बहे उनका सारा सामान बेकार हो चुका है। खेतों में पानी अभी भी भरा है व फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।

बड़वन में राहत शिविर में रह रही 14 वर्षीय राधा को खुद की व बकरी के बच्चों की चिंता हो रही है। बाढ़ के दौरान उसकी व उसके परिवार समेत पालतू पशुओं की भी जान किसी तरह बच पाई है। 25 वर्षीय हिंदुस्तान के मकान समेत सब कुछ बह गया व अब सरकारी सहायता की गुहार लगा रहे हैं ताकि उसका ज़िंदगी पटरी पर आ सके। वहीं निवासी मांगीलाल के अनुसार उनका पक्का मकान बाढ़ में बहने से तो बच गया लेकिन घर का सारा सामान अन्न सब कुछ पानी में बह गया।