कांग्रेस पार्टी आगामी तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां मे

कांग्रेस पार्टी आगामी तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां मे

लगातार दूसरी बार लोकसभा चुनाव हारकर पस्त दिख रही कांग्रेस पार्टी आगामी तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां प्रारम्भ कर दी है.

इन तीनों राज्यों में उसका सीधा मुकाबला सत्ताधारी भाजपा से है. कांग्रेस पार्टी हरियाणा में दस वर्ष व महाराष्ट्र में पंद्रह वर्ष सत्ता में रह चुकी है. इस वर्ष के आखिरी तक हरियाणा, झारखंड व महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं. ये चुनाव पार्टी में दोबारा जान फुंकने के लिए अहम है. कांग्रेस पार्टी इन चुनावों में धारा 370 से इतर रोजगार के गहराते संकट, अर्थव्यवस्था की मंदी से लेकर किसानों की समस्या को मामला बनाने जा रही है. पार्टी को पता है कि सरकार को देशभर से कश्मीर मामले पर समर्थन मिला है.

इस निर्णय के तौर-तरीके पर विपक्ष के सवाल उठाने को बीजेपी व सरकार ने इसके विरोध के रुप में प्रचारित किया है. कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं के बयान व इस मामले पर पार्टी के भीतर सामने आए खुले मतभेद से भी गलत संदेश गया है. जबकि अनुच्छेद 370 हटाने के बड़े निर्णय के साथ तीन तलाक कानून को सच बनाने के केन्द्र के कदमों ने राष्ट्रीय बहस की धारा बदल दी है. कांग्रेस पार्टी के चुनावी थिंक-टैंक से जुड़े एक रणनीतिकार ने स्वीकार किया कि भले इन तीनों सूबों के चुनाव का धारा 370 से सीधे कोई सरोकार नहीं है.

बावजूद इसके विधानसभा चुनाव को राष्ट्रवाद के ट्रैक से जनता के मामले पर ले जाने की विपक्षी दलों की राह सरल नहीं. खासकर तब जब महाराष्ट्र में एनसीपी व कांग्रेस पार्टी दोनों पार्टियों के बीच जबरदस्त अंदरूनी हड़कंप मची है व दोनों पार्टियों के कई बड़े नेता बीजेपी या शिवसेना को अपना नया घर बना रहे हैं. हरियाणा में कांग्रेस पार्टी बमुश्किल चुनाव से पहले अपने अंदरूनी झगड़े को थामने का फार्मूला ला पायी है. वहीं झारखंड में कांग्रेस पार्टी व झामुमो के बीच गठबंधन को लेकर खींचतान का दौर चल रहा है. इसलिए पार्टी को लगता है कि वह सरकार को आर्थिक मंदी के बीच रोजगार के घटते अवसरों व कृषि क्षेत्र की समस्याओं के मामले पर अच्छे से घेर सकती है.