भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच जल्द ही होगी इस गंभीर मुद्दे पर वार्ता

भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच जल्द ही होगी इस गंभीर मुद्दे पर वार्ता

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बीजेपी व शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे में फंसे पेंच को सुलझाने के लिए जल्द ही दोनों दलों के अध्यक्षों के बीच वार्ता होने के संभावना हैं. शिवसेना बीजेपी के साथ बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है. वहीं, बीजेपी पिछले विधानसभा चुनाव और बीते लोकसभा चुनाव के आधार पर अपने हिस्से में ज्यादा सीटें चाहती है.

चुनाव के तारीखों की घोषणा इसी हफ्ते : महाराष्ट्र समेत तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा इस हफ्ते के आखिर में होने की आसार है. प्रदेश में विपक्ष के प्रमुख गठबंधन कांग्रेस पार्टी व एनसीपी ने सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दे दिया है. दोनों दल 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ने पर सहमत हो गए हैं. बाकी सीटें सहयोगियों के लिए रखी गई हैं.

सीट बंटवारे सहमति नहीं बन पाई : वहीं, प्रदेश में सत्ता में विराजमान भाजपा-शिवसेना गठबंधन के बीच सीटों के तालमेल को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. प्रदेश स्तर पर हो रही चर्चाओं में फार्मूला तय न हो पाने के बीच दोनों दलों ने अपने काडर को सभी सीटों पर चुनावी तैयारी करने के आदेश भी दे दिए हैं.

सात माह पहले हुआ था साथ लड़ने का समझौता : सात माह पहले लोकसभा चुनाव के मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह व शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में दोनों दलों के बीच चुनावी समझौता हुआ था. इस मौके पर सीएम देवेंद्र फड़नवीस के बोला था कि विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों को सीटें छोड़ने के बाद बची बाकी सीटों पर बीजेपी और शिवसेना बराबर-बराबर के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ेगी.

शिवसेना चाहती है कि बीजेपी के साथ इसी फॉर्मूले पर समझौता हो, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद दशा बदले हैं. इससे पहले उद्धव ठाकरे ने पार्टी नेताओं से सूबे में अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में कमर कसने की तैयारी का आदेश देकर गठबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति को व हवा दे दी थी. शिवसेना ने नागपुर सीट समेत प्रदेश की सभी सीटों पर इच्छुक उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी चुप्पी से प्रारम्भ कर दी थी. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव अक्तूबर में होने जा रहा है.

सीट बंटवारे के लिए कई फॉर्मूले की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में बीजेपी ने पहले 174 सीटें खुद के लिए व 114 सीटें शिवसेना को देने का फार्मूला तैयार किया था, जिसे शिवसेना ने नकार दिया. अब बीजेपी 155 सीटें खुद के लिए व 120 सीटें शिवसेना को देने के फार्मूला को आगे रख रही है. साथ ही 13 सीटें अन्य सहयोगी दलों को देने की बात कर रही है. वहीं, दूसरी तरफ शिवसेना दोनों दलों के बीच 135-135 सीटों के बंटवारे व बाकी बचे 18 सीटें सहयोगी दलों को देने की बात पर अड़ी है. इस बीच दोनों दलों के नेताओं को भरोसा है कि चुनावों की घोषणा के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे वार्ता से सीटों के बंटवारे का मामला हल कर लेंगे.