ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की संभावना बेहद कम, क्योंकि सीनेट में उनकी पार्टी रिपब्लिकन बहुमत में...

 ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की संभावना बेहद कम, क्योंकि सीनेट में उनकी पार्टी रिपब्लिकन बहुमत में...

डेमोक्रेटिक बहुमत वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की कमेटी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ दो आरोपों को मंजूरी दे दी। इससे उनके खिलाफ महाभियोग चलाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी ने शुक्रवार को 23-17 से महाभियोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी।ट्रंप पर उनके प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन के खिलाफ जांच को लेकर यूक्रेन पर दबाव बनाने और डेमोक्रेट्स को इसकी जांच करने से रोकने का आरोप है। अगर अगले सप्ताह हाउस ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के प्रस्ताव के पक्ष में वोट करता है तो वह इस कार्यवाही का सामना करने वाले अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति होंगे।

हालांकि ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि सीनेट में उनकी पार्टी रिपब्लिकन बहुमत में है।

मामले की सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट्स ने ट्रंप पर अमेरिकी संविधान और सुरक्षा को खतरे में डालने, जुलाई में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दिमीर जेलेंस्की को फोन कर बिडेन के खिलाफ जांच का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

कमेटी के चेयरमैन जेरी नाडलेर ने कहा, अमेरिका के लिए आज काला दिन है क्योंकि 150 साल के इतिहास में तीसरी बार कमेटी ने किसी राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है। अगर महाभियोग चलता है तो उन्हें सीनेट में अगले साल की शुरुआत में ट्रायल से गुजरना होगा, जो राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले होगा।

रिपब्लिकन ने बताया शर्मनाक

वहीं, ट्रंप का बचाव करते हुए रिपब्लिकन्स ने इस कार्यवाही को राजनीति से प्रेरित बताया। सीनेट की ज्यूडिशियरी कमेटी के चेयरमैन लिंडसे ग्राहम ने कहा, यह कदम 2016 में ट्रंप को मिली आश्चर्यजनक जीत का नतीजा है।

गौरतलब है कि ट्रंप ने बिडेन पर यूक्रेन में भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था और चाहते थे कि इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि वह कोई सुबूत पेश नहीं कर सके थे। दरअसल, बिडेन 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।

अगले सप्ताह महाभियोग पर बहस

एक वरिष्ठ डेमोक्रेट्स सांसद ने बताया कि वोटिंग से पहले हाउस अगले बुधवार को महाभियोग पर चर्चा करने की योजना बनाई है ताकि उन पर महाभियोग चलाया जा सके और उन्हें ट्रायल पर भेजा जा सके।