मोदी ने अपनी नयी सरकार के लिए शनिवार को बुलाई एक उच्चस्तरीय मीटिंग

मोदी ने अपनी नयी सरकार के लिए शनिवार को बुलाई एक उच्चस्तरीय मीटिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नयी सरकार के कामकाज की समीक्षा करने के लिए शनिवार (21 दिसंबर) को एक उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई है, जिसमें सभी मंत्रालयों के मंत्री व सचिव शामिल होंगे. प्रवासी भारतीय केन्द्र ऑडिटोरियम में प्रातः काल 10.30 से होनेवाली इस मीटिंग में सभी मंत्रियों, विभागों के सचिवों शामिल होने का आदेश भेजा जा चुका है.

सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, महासचिव बीएल संतोष भी रह सकते हैं. पहले यह मीटिंग गर्वी गुजरात भवन में आयोजित की गई थी लेकिन अब जगह बदल दिया गया है. पीएम इस मीटिंग में मंत्रियों द्वारा पेश किए गए कामकाज के ब्यौरे की समीक्षा करेंगे.

इस मामले में सभी मंत्रालय के ऑफिसर रिपोर्ट बनाने में जुट गए हैं. मंत्रियों को भेजे गए आदेश के मुताबिक मीटिंग में सभी मंत्रियों को पिछले छह महीने में किए गए कामकाज का विस्तृत विवरण पावक प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए पेश करना होगा. इसके अतिरिक्त मंत्रियों से उन प्रोजेक्ट या कार्य का विवरण भी मांगा गया है, जिसे उन्हें अगले साढ़े चार वर्ष में सारे करने हैं.

मंत्रियों की इस तरह की सामूहिक मीटिंग छह महीने बाद हो रही है. पिछली मीटिंग नयी सरकार के गठन के थोड़े ही दिन बाद 13 जून को हुई थी. उस मीटिंग में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी मंत्रियों के सामने विकास का एक खाका खींचा था. पीएम ने उस मीटिंग में मंत्रियों से मिशन 2022 को लेकर अपनी प्राथमिकताएं बताई थीं.

पीएम आवास योजना, जल, ज़िंदगी मिशन जैसी योजनाओं पर पीएम का विशेष जोर है. उनका फोकस है कि 2022 तक हर घर को पेयजल उपलब्ध करा दिया जाए. सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी मंत्रिपरिषद विस्तार के बारे में भी इनपुट ले सकते हैं.

मंत्रियों के परफॉर्मेंस पर ही उनकी कुर्सी बच सकती है. जिन मंत्रियों का कामकाज संतोषजनक नहीं होगा, उनकी मंत्रिपरिषद से छुट्टी हो सकती है. सूत्र बता रहे हैं कि आने वाले समय में पीएम अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार कर सकते हैं.