मछली पालने वाले किसानों के लिए आई ये राहत भारी खबर

मछली पालने वाले किसानों के लिए आई ये राहत भारी खबर

 मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को बोला कि सरकार ने मछली उत्पादन को बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्ष में 20,050 करोड़ रुपये खर्च करेगी। 

इसके लिए नयी योजना प्रारम्भ की गई है। साथ ही, देश में अब मछली क्रायोबैंक स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा,  किसानों को उनकी वांछित प्रजातियों के मछली शुक्राणुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मछली क्रायोबैंक स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इन सभी कदमों से देश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने में मदद मिलेगी। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि आत्मनिर्भर राहत पैकेज के तहत सरकार ने मतस्य पालन के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया।  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। पीएम मत्स्य संपदा योजना की घोषणा बजट में की गई की थी। इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

क्या है योजना पीएम मत्स्य संपदा योजना- इस योजना के तहत इससे पांच वर्षों में अतिरिक्‍त 70 लाख टन मछली का उत्‍पादन हो सकेगा। यह मत्‍स्‍य एक्सपोर्ट को दोगुना बढ़ाकर 1,00,000 करोड़ रुपये कर देगी।

राहत पैकेज की घोषणा करते वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि मरीन, इनलैंड फिशरी व एक्‍वाकल्‍चर में गतिविधियों के लिए 11,000 करोड़ रुपये का फंड उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त फिशिंग हार्बर, कोल्‍ड चेन व बाजार वगैरह जैसे इंफास्‍ट्रक्‍चर को बनाने में 9,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केज कल्‍चर, सीवीड फार्मिंग, ऑर्नामेंटल फिशरीज के साथ न्‍यू फिशिंग वेसेल, लेबोरेटरी नेटवर्क जैसी गतिविधियां इस स्‍कीम का हिस्‍सा होंगी।



कौन उठा सकता है इस स्कीम का फायदा- मछुआरा समुदाय के लोग :- इस योजना का फायदा केवल मछुआरा समुदाय से संबंध रखने वाले लोगों को मिलेगा।  जलीय कृषि :- ऐसे आदमी जोकि जलीय क्षेत्रों से संबंध रखते हैं व जलीय कृषि का काम करते हैं या इसके लिए इच्छुक हैं, उन्हें इसके लिए पात्र माना जायेगा। प्राकृतिक आपदा से ग्रसित मछुआरें - ऐसे मछुआरे जोकि किसी प्राकृतिक आपदा का बुरी तरह से सामना कर उससे ग्रसित हुए हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।  जलीय जीवों की खेती - ऐसे आदमी या मछुआरें जोकि मछली पालन का काम करना तो जानते है पर इसी के साथ ही जलीय अन्य जीवों की खेती कर सकें उन्हें भी इस योजना में शामिल कर फायदा प्रदान किया जायेगा।

मछली पालने वाले किसानों को भी सरलता से से मिलेगा 3 लाख रुपये का लोन-  मछलीपालन (Fish farming) को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने के पीछे सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग खेती-बाड़ी से इतर गतिविधियों से जुड़ें व अपनी आमदनी में इजाफा कर सकें।

अब इस किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसान मछली, झींगा मछलियों के पालन व कारोबार के समय आने वाली पैसों की आवश्यकता को पूरा कर सकते है। किसान क्रेडिट कार्ड धारक 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं।

समय पर ऋण का भुगतान करने पर किसानों को ब्याज में अलग से छूट दी जाती है। बैंक में एक एप्लीकेशन लिखकर किसान क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एप्लीकेशन के साथ फोटो, पहचान पत्र, निवास प्रमाण लेटर व जमीन की खसरा-खतौनी की फोटो कॉपी लगानी होती है।