छत्तीसगढ़ मे एक बुजुर्ग सदस्य को हुआ कोरोना, तो पूरा परिवार करने लगा पॉजिटिव आने की प्रार्थना

छत्तीसगढ़ मे  एक बुजुर्ग सदस्य को हुआ कोरोना, तो पूरा परिवार करने लगा पॉजिटिव आने की  प्रार्थना

पूरी दुनिया में कोरोनावायरस संकट का दौर चल रहा है। लोग बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं और राेजाना कई पीड़ितों की मौत हो रही है। ऐसे में हर कोई यह दुआ कर रहा है कि भगवान उन्हें इस बीमारी से दूर रखें, लेकिन छत्तीसगढ़ के जांजगीर में एक परिवार ऐसा है जिसके सदस्य रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दुआ कर रहे हैं। दरअसल यह मामला परिवार में आपसी प्रेम की भावना से जुड़ा है। परिवार के एक ऐसे बुजुर्ग सदस्य को कोरोना पॉजिटिव पाया गया जिनके कमर की हड्डी टूटी हुई है और वे उठ बैठ नहीं सकते। अस्पताल में उनकी सेवा के लिए परिवार के किसी सदस्य का वहां मौजूद होना जरूरी था, लेकिन मरीज के साथ किसी को भी कोरोना वार्ड में न रखे जाने की बाध्यता की वजह से परिवार यह प्रार्थना कर रहा है। 

लोग कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने की प्रार्थना करते हैं, लेकिन यहां ग्राम खोखरा के राठौर परिवार के सदस्य पॉजिटिव आने की दुआ कर रहे थे। दरअसल सप्ताह भर पहले बलभद्र राठौर की कमर की हड्डी टूट (फ्रैक्चर) गई। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए वहां उनकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती तो कर लिया, लेकिन कोरोना पॉजिटिव होने के कारण उनके साथ परिवार के किसी सदस्य को रहने की अनुमति नहीं दी। हड्डी फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें उठना-बैठना संभव नहीं था नित्यक्रिया में भी परेशानी हो रही थी, इसलिए परिवार के लोग उनके साथ रहना चाहते थे। डॉक्टर इसके लिए राजी नहीं थे। डॉक्टरों ने कहा कि पॉजिटिव मरीज के साथ  स्वस्थ व्यक्ति को नहीं रख सकते। 
इसके बाद परिवार के सभी 10 सदस्यों ने कोरोना पॉजिटिव आने की प्रार्थना के साथ टेस्ट कराया। सब लोग रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे और बलभद्र के बेटे रामसजीवन राठौर की रिपोर्ट पाजिटिव आई। इससे वह खुश हुआ कि अब वह पास रहकर अपने पिता की देखभाल कर सकेगा। डॉक्टरों ने भी उन्हें उसके पिता के करीब ही बेड दे दिया। यहां रहकर वह न केवल खुद का उपचार करा रहा बल्कि पिता की देखभाल भी कर रहा है। 
कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ अनिल  कुमार जगत ने बताया कि  'बलभद्र राठौर के कमर की हड्डी फ़्रैक्चर होने से उनके देखभाल में परेशानी हो रही थी। घर के सदस्य साथ रहने का आग्रह भी कर रहे थे मगर यह सम्भव नही था,ऐसे में परिवार के सदस्यों ने कोरोना टेस्ट कराया और बड़े बेटे की रिपोर्ट पाजिटिव आई तब उसे उसके पिता के साथ रखा गया है। अब उनकी देखभाल ठीक ढंग से हो रहा है।'