सिरदर्द के कारण व इसके बचाव, जानिए

सिरदर्द के कारण व इसके बचाव, जानिए

सिरदर्द एक आम बीमारी है, जिसे हममें से कई लोग गंभीरता से लेने के बारे में नहीं सोचते. लेकिन क्या यह ठीक है? कार्य का बोझ व तनाव, इम्तिहान का दबाव आदि सिरदर्द के अनेक कारण हैं. 

इससे छुट्टी पाने के लिए एस्पिरिन की एक गोली खा लेना सबसे सरल उपाय लग सकता है, लेकिन इसमें अन्य गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं, जो अनदेखी रह सकती हैं. अधिकांश सिरदर्द छोटी होते हैं. इनके सामान्य कारण तनाव, माइग्रेन, आंखों पर जोर, निर्जलीकरण, लो ब्लड शुगर व साइनसाइटिस हो सकते हैं.

सिरदर्द के कारण-

सिरदर्द नसों में समस्या के कारण होने कि सम्भावना है. इस तरह के सिरदर्द का सबसे सामान्य रूप माइग्रेन या अधकपारी है. कुछेक खास खाद्य पदार्थों से भी सिरदर्द होने कि सम्भावना है. ऐसे खाद्य पदार्थों में गोभी, टमाटर, प्याज, बैंगन, अनन्नास, आलू, डिब्बाबंद मछली, चॉकलेट, स्मोक्ड मांस, दही, कैफीन, पनीर व खमीर आधारित खाद्य पदार्थ शामिल हैं.

सिरदर्द का उपाय-

सिरदर्द व माइग्रेन को उभारने के लिए जिम्मेदार किसी खाद्य पदार्थ से बचना कठिन होने कि सम्भावना है. उचित निदान के लिए हेल्थ प्रोफेशनल्स से परामर्श लेना ठीक होगा. एक बार जब आपको अपने सिदर्द व माइग्रेन के लिए जिम्मेदार कारकों का पता चल जाता है तब आप भविष्य में होने वाले इनके हमले से खुद को बचा सकते हैं.

मछली के ऑयल जैसे ओमेगा-3 वसा से सिरदर्द की आरंभ को रोकने में मदद मिल सकती है. इसी तरह लहसुन (ताजा या कैप्सूल के रूप में) भी इस स्थिति के लिए एक प्रभावी तरीका है. प्रतिदिन अलसी के बीजों का सेवन करें. इनमें ओमेगा-3 वसा होते हैं, जो प्रोस्टैग्लैंडीन के निर्माण को नियंत्रित करते हैं. प्रोस्टैग्लैंडीन हार्मोन जैसे पदार्थ होते हैं जो जो दर्द को काबू करते हैं.

थोड़ा-सा अदरक खाएं. यह भी प्रोस्टैग्लैंडीन को नियंत्रित करने में मदद करता है. एक चम्मच अदरक का अचार या सिर्फ ताजा अदरक का एक इंच लंबा टुकड़ा लें. उस पर नीबू का रस व काले नमक का पाउडर छिड़कें व धीरे-धीरे चबाएं. ध्यान व गहरी सांस लेने से संबंधित व्यायाम भी तनाव व दबाव से मुक्त होने के अच्छे ढंग हैं.