बढ़ती आयु के साथ आदमी में शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक में आ सकता है यह परिवर्तन, प्राप्त करे यह आहार

बढ़ती आयु के साथ आदमी में शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक में आ सकता है यह परिवर्तन, प्राप्त करे यह आहार

बढ़ती आयु के साथ आदमी में शारीरिक, मानसिक व भावनात्मक परिवर्तन आता है. ढलती आयु अधिकतर अंगों को प्रभावित करती है. इसलिए ठीक व संतुलित आहार की जरूरत युवावस्था में ही नहीं, बल्कि बढ़ती आयु में भी होती है.

 आयु के कारण लोगों को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है व ऐसे में पर्याप्त पोषण की कमी से स्थिति की गंभीरता बढ़ सकती है. इसलिए लोगों के लिए उचित पोषक तत्वों का सेवन महत्वपूर्ण है. जैसे-जैसे लोगों की पोषक तत्वों की जरूरत आयु के साथ बदलती है, आदमी को समझने की आवश्यकता है कि शरीर की स्थिति के हिसाब से क्या खाना चाहिए व क्या नहीं. 50 वर्ष की आयु के बाद कुछ कारक हो सकते हैं, जिनके कारण भोजन का सेवन कम होने कि सम्भावना है. इसमें शामिल है भूख की कमी, स्वाद या गंध पहचानने की कमी, चबाने या निगलने में कठिनाई, शारीरिक शक्ति या गतिशीलता की कमी, गंभीर बीमारी या दवाओं का सेवन, भावनात्मक स्थिति, वित्तीय सुरक्षा शामिल आदि. 

 से जुड़ीं डाक्टर अप्रतिम गोयल का बोलना है कि आहार के अतिरिक्त बढ़ती आयु में भी प्रतिदिन व्यायाम को शामिल करना महत्वपूर्ण है. अधिक सक्रिय, लचीले व प्रगतिशील बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है. इस आयु के लिए भोजन ताजा पका हुआ होना चाहिए. 50 वर्ष या इससे ज्यादा की आयु के लोगों को समझना महत्वपूर्ण है कि उन्हें क्या करना चाहिए क्या नहीं.
सरलता से पचने वाले, सरलता से अवशोषित होने वाले, छोटे-छोटे टुकड़ों में लगातार भोजन लें.
शक्कर, मीठे पेय पदार्थ,अनडाइल्यूटेड जूस के सेवन को कम करें. फलों को अहमियत दें
अपने आहार में बहुत सारे तरल पदार्थ शामिल करें, क्योंकि वे आपको हाइड्रेटेड रखते हैं व पाचन बेहतर करते हैं.
रिफाइन्ड अन्न व दालों की स्थान साबुत अन्न व दालों का प्रयोग करें.
आहार में फाइबर की संरचना मध्यम होनी चाहिए.
शारीरिक रूप से सक्रिय रहें.
हर दिन के भोजन में मौसमी फलों के दो-तीन सर्विंग्स शामिल करने चाहिए
आहार में प्याज, अदरक, लहसुन, नींबू, जीरा, कैरम बीज, मेथी के बीज, बादाम, अखरोट, नारियल पानी को शामिल करें, क्योंकि ये मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए अच्छे होते हैं, सूजन को रोकते हैं व स्वस्थ रक्तचाप बनाए रखने में भी सहयोग करते हैं.
आयु बढ़ने व पोषण से जुड़े ये हैं मिथक
इस आयु में प्रोटीन से बचने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि ऊतक की मरम्मत के लिए प्रोटीन आवश्यक है, रात में दालों से परहेज एक अलावा मिथक है.
नमक को केवल तभी प्रतिबंधित करना चाहिए, जब आदमी को उच्च रक्तचाप हो या उच्च स्तर पर सीरम सोडियम हो.
कॉटेज पनीर में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है अगर यह टोंड दूध से बना है व एक बहुत ही स्वस्थ विकल्प है.
संतृप्त वसा को आहार से पूरी तरह से खत्म करने की जरूरत नहीं है, जब तक कि किसी को दिल ब्लॉक या हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया न हो.
रात के खाने के बाद दूध का सेवन अच्छा है, बशर्ते कि इसमें बहुत देर न हो.
तीन से परे भोजन की संख्या कम करना अधिक हानिकारक है, इसलिए मेटाबॉलिज्म को बनाए रखने के लिए तीन प्रमुख भोजन व दो हल्के भोजन को करना चाहिए.