वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी इन 10 बैंकों का विलय, जाने असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी इन 10 बैंकों का विलय, जाने असर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया है कि बैंकों का विलय को तय सीमा के अंदर ही होगी. इसको लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है व प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं. 

सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया , ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडीकेट बैंक, केनरा बैंक , इलाहाबाद बैंक, भारतीय बैंक, आंध्रा बैंक, कोऑपरेशन बैंक और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के महाविलय के लिए तय एक अप्रैल 2020 की समयसीमा तेजी से समीप आ रही है. बता दें पिछले वर्ष अगस्त में नरेन्द्र मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के 10 बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने का निर्णय किया था. योजना के मुताबिक यूनाइडेट बैंक ऑफ इंडिया व ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय पंजाब नेशनल बैंक में किया जाएगा.

इस विलय के बाद यह सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा. सिंडीकेट बैंक का केनरा बैंक के साथ विलय होना है, जबकि इलाहाबाद बैंक का विलय भारतीय बैंक में होगा. इसी तरह आंध्रा बैंक व कोऑपरेशन बैंक को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में मिलाया जाएगा. आइए जानें इस महाविलय से बैंक ग्राहकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ।

महाविलय से ग्राहकों पर ये होगा असर

  • ग्राहकों को नया एकाउंट नंबर व कस्टमर आईडी मिल सकता है. जिन ग्राहकों को नए एकाउंट नंबर या IFSC कोड मिलेंगे, उन्हें नए डिटेल्स इंश्योरंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड, आयकर डिपार्टमेंट, नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) आदि में अपडेट करवाने होंगे. वहीं SIP या कर्ज़ EMI के लिए ग्राहकों को नया इंस्ट्रक्शन फॉर्म भरना पड़ सकता है.
  • फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) या रेकरिंग डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज में कोई परिवर्तन नहीं होगा. जिन ब्याज दरों पर व्हीकल लोन, होम लोन, व्यक्तिगत कर्ज़ आदि लिए गए हैं, उनमें कोई परिवर्तन नहीं होगा. नयी चेकबुक, डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड जारी होने कि सम्भावना है. 
  • कुछ शाखाएं बंद हो सकती हैं, इसलिए ग्राहकों को नयी शाखाओं में जाना पड़ सकता है. विलय के बाद एंटिटी को सभी इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ECS) निर्देशों व पोस्ट डेटेड चेक को क्लीयर करना होगा.

इन बैंकों का हो चुका है मर्जर

1 अप्रैल 2019 से बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक व देना बैंक मर्ज हो चुके हैं. यह देश का पहला थ्री वे मर्जर था. इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक में पांच सहयोगी बैंकों (बैंक स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर व स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद ) व भारतीय महिला बैंक का विलय हुआ था, जो अप्रैल 2017 से असर में आया.